POPCORNTRIPKnow before you go

अल्मोड़ा, clearly explored

Stories from the hills

Archive stories about people, culture, festivals and changing mountain life.

अधिक कहानियां

वाह उस्ताद… सईद साब…

यूँ तो दोस्तों, वक़्ती तौर पर अल्मोड़ा नगर को एक कौमी एकता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है जहाँ से एक से बढ़कर एक प्रतिभाएँ विकसित हुईं और एक से बढ़कर एक कलाकार पैदा हुए। यही नहीं, दशहरा और मोहर्रम में परस्पर भागीदारी ने इन मौकों को मुक़द्दस और आलीशान त्यौहा…

Read more →

More stories

झाकर सैम मंदिर, अल्मोड़ा

अगर आप अपनी रूटीन लाइफ से अलग कुछ दिन हट के एक अलग शांत और शुद्ध वातावरण में बिताना चाहते हैं, तो आज आप जानेगे एक ऐसे ही स्थान के बारे में। जहां आपको पहुचने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी। निकतम रेल्वे स्टेशन काठगोदाम से लगभग 130 किलोमीटर (लगभग 4 से 5 घंटे की)…

Read more →

More stories

कसार देवी: जहां हिमालय की ऊंचाइयां छूती है आध्यात्मिक ऊर्जा!

अल्मोड़ा से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित कसार देवी, यहाँ से दिखने वाले खूबसूरत नज़ारों के साथ-साथ ध्यान और आध्यात्म के पवित्र तीर्थस्थल - कसार देवी मंदिर के लिए जाना जाता है। कसारदेवी से हिमालय की विस्तृत श्रृंखलाएँ दिखाई देती हैं। सर्दियों का समय इन पर्वत श्रृंख…

Read more →

More stories

विशालकाय बकायन के पेड़ की डालें काटता हुआ शेरदा

हमारा शेरदा उर्फ़ शेरुवा.... यूँ तो दोस्तों अक्सर इतिहास,साहित्य अथवा सिनेमा आदि की दुनिया में कई बार हम ऐसे चरित्रों से रुबरू होते हैं जिनका जीवन एक महामानव सरीखा यानि ' लार्जर देन लाईफ़ ' लगता है, पर यदि हम जीवन में सिर्फ अपने आप में ही ना खोए हो,अपने आसपास…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा आकर एक परिवार की चमकने और डूबने की कहानी।

बादल... बेला… यों तो दोस्तों इस दुनिया में होने वाला हर लम्हा, हर चीज़ परिवर्तनशील है जो कि प्रकृति का नियम है। इस पर समय रुपी दौर की क्या बात करे.. अलग-2 दौर ने वक्त - 2 में आदमी को कैसे छला है.. यह सिर्फ वह आदमी या वक्त ही बता सकता है.. हम आप तो इसके केवल एक…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा से चितई यात्रा और मंदिर दर्शन

अल्मोड़ा से लगभग 8.5 किलोमीटर की दुरी पर स्ठित है प्रसिद्द गोलू देवता का मंदिर चितई। आज इस लेख में आप पड़ेंगे अल्मोड़ा मुख्य नगर से NTD होते हुए, चितई मंदिर की सड़क यात्रा, मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानो को, चितई गोलु देवता दर्शन, चितई मंदिर का इतिहास, यहाँ से ज…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा जिला पुस्तकालय की यादें

दोस्तों इस बीच एक दिन फिर जिला पुस्तकालय, अल्मोड़ा जाना हुआ किताब वापसी के सिलसिले में... पुस्तकालय बंद देखकर पता किया कि क्यों बंद है? तो जानकर एक सुखद एहसास हुआ कि पुस्तकालय के जीर्णोदार का काम चल रहा है। पुस्तकों बावत पूछने पर पता चला कि यहाँ की सारी पुस्तक…

Read more →

More stories

मिर्ज़ा साब कैफ़े वाले...

यूँ तो दोस्तों इस फ़ानी दुनिया में हर इंसान के दिलो दिमाग में कई तरह के विचार आना लाज़मी है क्योंकि वैज्ञानिक रूप से वह जानवर की श्रेणी से ऊपर है,जहां किसी चौपाऐ में दिल, दिमाग और पेट ज़मीन के समानांतर मिलेंगें वहीं इंसान में सबसे ऊपर दिमाग, फिर दिल और फिर पेट…

Read more →

More stories

मैं आज 18 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ।

आज 30 नवम्बर को मैंने 17 वर्ष पूर्ण कर 18 वें वर्ष में प्रवेश किया। 2005 में मैंने आज ही के दिन मैंने पहली बार अल्मोड़ा को देखा। लेकिन अल्मोड़ा ने मुझे बहुत देर मे देखना शुरू किया। मुझे देखने के लिए तब इंटरनेट की ज़रूरत होती, जो तब बहुत धीमा था, ज़्यादातर लोग…

Read more →

More stories

रानीखेत से भवाली (विडियो टूर के साथ)

इस मार्ग में सड़क के किनारे पेराफीट का कलर कॉम्बिनेशन ये अहसास कराते हैं कि - आप आर्मी एरिया में हैं. देवदार, बांज बलूत और चीड के वृक्षों से घिरा ये क्षेत्र है रानीखेत का। रानीखेत जिसे - क्वीन'स मीडो (queen's meadow) भी कहते हैं - उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले का…

Read more →

More stories

कौसानी से बैजनाथ यात्रा (वीडियो)

कौसानी विश्व प्रसिद्द पर्यटक स्थलों में से एक है, जो उत्तराखंड में कुमाऊ मंडल के तहसील गरुड़ के अन्दर आता है, . इसका कुछ हिस्सा अल्मोड़ा और कुछ हिस्सा बागेश्वर जिले में आता है. समुद्रतल से लगभग 6200 फीट (1890 मीटर) की ऊंचाई पर बसा कौसानी एक खूबसूरत पर्वतीय पर्यट…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा से रानीखेत तक का सफर

प्राकृतिक सौंदर्य के आंचल में बसे उत्तराखंड की बात ही निराली है,यहां खूबसूरत वादियों के साथ-साथ विविध संस्कृति का संगम भी मिलता है, फिर आज क्यों ना अल्मोड़ा से रानीखेत का सफर किया जाएं। अल्मोड़ा शहर जिसके बारे में जितना कहु कम है, हमारी कुमाउँनी संस्कृति की असली…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा का पेले (हरिया), कभी फूटबाल का सितारा, अब कहाँ!

आज बात केवल एक खेल प्रतिभा की। हरिया पेले ... जो अल्मोड़ा में 90 के दशक का फूटबाल का जादूगर था। बरस 1990 के शुरुआत का वह दौर जब दुनिया के एक समाजवादी देश के ढहने और 'आर्थिक आजादी' जैसे सपने के शोर में हमारा देश भी उस पीढ़ी को अपने हित के सब्ज़बाग दिखाने में का…

Read more →

More stories

अल्मोड़ा दो दशक पहले!

तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक , नाम के अनुरूप - यहाँ रोड के किनारे खड़े हो, मित्रो, परिचितों के मध्य अक्सर अनौपचारिक मीटिंग्स हुआ करती। उस दिनों जब हम अपनी स्कू ली द…

Read more →

More stories

लाल बहादुर दाई उर्फ़ हनुमान...

यूँ तो दोस्तों हमारे आसपास होने वाले घटनाक्रमों के बीच कई बार ऐसा भी होता है कि जब कोई अंजान शख़्सियत किसी ख़ास शख़्सियत से इस क़दर मेल खाती है कि लोग असल शख़्सियत का नाम इस अंजान शख़्सियत को दे बैठते हैं।धीरे-2 वह अंजान शख़्सियत असली शख़्सियत का ऐसा नाम रोशन…

Read more →

More stories

इकबाल नाई उर्फ़ बबाल भाई…

यूँ तो दोस्तों हमारे समाज में लम्बी- 2 फेंकने वालों बड़ा महत्तवपूर्ण स्थान रहा है और रहेगा.. हालाकि उन्होंने फेंकने के अलावा समाज में बदलाव के प्रयास न किये, न ही ऐसे काम जिनके कारण उन्हें याद रखा जा सके। वो सिर्फ अपनी फेंकने की अदा से याद किए जातें है और मनोर…

Read more →
Archive continuity